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Indian Administration

PMAY-U Milestone: 1.25M Homes Approved, 1M Delivered

PMAY-U Milestone: 1.25M Homes Approved, 1M Delivered

पीएमएवाई-यू के तहत 1.25 करोड़ घर स्वीकृत, 1 करोड़ वितरित: महिलाओं को 1 करोड़ घरों का स्वामित्व प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 1.25 करोड़ से अधिक घर स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से 1 करोड़ से अधिक पूरे होकर लाभार्थियों को सौंप दिए गए हैं। इनमें से 1 करोड़ घर महिलाओं के नाम पर या संयुक्त स्वामित्व में आवंटित किए गए हैं, जो नारी शक्ति को आगे बढ़ाते हुए उनके हाथों में मूल्यवान संपत्ति सौंपते हैं।

6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के संकल्प भवन में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के शहरी विकास विभाग के सचिव श्री सतेंद्र सिंह की अध्यक्षता में पीएमएवाई-यू 2.0 की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की 8वीं बैठक में ईडब्ल्यूएस परिवारों के लिए 2.09 लाख से अधिक अतिरिक्त घर स्वीकृत किए गए। इसमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल रहे।

नए स्वीकृत घरों में लगभग 1.42 लाख लाभार्थी आधारित निर्माण वर्टिकल के अंतर्गत हैं, जिसमें लाभार्थियों को अपनी जमीन पर पक्के घर बनाने के लिए अधिकतम 2.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलती है। अन्य 67,045 घर किफायती आवास साझेदारी वर्टिकल के अंतर्गत हैं। इन स्वीकृतियों के साथ पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत कुल स्वीकृत घर 18.38 लाख को पार कर गए हैं—जिनमें 14.40 लाख बीएलसी, 2.48 लाख एएचपी, ब्याज सब्सिडी योजना के तहत 1.36 लाख और 13,046 किफायती किराया आवास इकाइयां शामिल हैं।

इसी बैठक में 2.09 लाख घरों में से 2.03 लाख महिलाओं को, 16,662 वरिष्ठ नागरिकों को, 21,954 अनुसूचित जाति, 14,252 अनुसूचित जनजाति और 75,511 अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों को आवंटित किए गए। योजना योग्य एससी/एसटी/ओबीसी समुदायों, अल्पसंख्यकों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, ट्रांसजेंडर और अन्य वंचित वर्गों के लिए सामाजिक समावेशन पर जोर देती रही है तथा महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा और घरेलू निर्णयों में भागीदारी को मजबूत करती है।

सचिव सतेंद्र सिंह ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में योजना की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें समय पर जमीनी कार्य और पूरा होना, जियो-टैगिंग, निधि उपयोग, लाभार्थी सत्यापन और कब्जे की स्थिति पर ध्यान दिया गया। उन्होंने शीघ्र क्रियान्वयन, समय पर निधि जारी करने, प्रभावी निगरानी और सभी हितधारकों के बीच समन्वय पर जोर दिया ताकि हर पात्र शहरी परिवार तक लाभ पहुंचे। समिति नियमित रूप से बैठकें कर गति बनाए रखेगी।

जून 2015 में सभी के लिए आवास के विजन के साथ शुरू हुई पीएमएवाई-यू ने आधार तैयार किया। पीएमएवाई-यू 2.0 इस पर आगे बढ़ते हुए 9 लाख रुपये वार्षिक आय वाले अतिरिक्त 1 करोड़ पात्र ईडब्ल्यूएस/एलआईजी/एमआईजी शहरी परिवारों की जरूरतों को विभिन्न वर्टिकल्स के जरिए पूरा करती है, जो स्वयं निर्माण, किफायती परियोजनाएं, ब्याज सब्सिडी और गुणवत्तापूर्ण किराया आवास का समर्थन करते हैं। परिणाम सुरक्षित, किफायती और गरिमापूर्ण पक्के घर हैं जो लाखों शहरी परिवारों की जीवन स्थितियों और आर्थिक सुरक्षा को बेहतर बनाते हैं।

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PMAY-U उपलब्धि: 1.25M घर मंजूर, 1M हस्तांतरित