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Indian Administration

J P प्रोजेक्ट हाथ से गया, आम्रपालि का काम पैसे ना होने की वजह से ठप्प, फिर भी पिछले दरवाज़े से एंट्री कराने की फ़िराक़ में  NBCC ? -आफ़िसर यूनियन

J P प्रोजेक्ट हाथ से गया, आम्रपालि का काम पैसे ना होने की वजह से ठप्प, फिर भी पिछले दरवाज़े से एंट्री कराने की फ़िराक़ में  NBCC ? -आफ़िसर यूनियन

नई दिल्ली : NBCC द्वारा पार्ट टाइम सेवनिव्रत अधिकारीयों की नियुक्ति का विज्ञापन सवालों के घेरे में हैं, आफ़िसर यूनियन इसका विरोध कर रही है, यूनियन के एक अधिकारी ने हमें बताया की पिछले कई CMD के कार्यकाल के मुक़ाबले इस बार NBCC का टर्न ओवर कम हुआ है, समाचारों में ठेकेदार द्वारा ये प्रचारित कराया जा रहा है कि आम्रपालि के बचे हुए मकान बनाने के लिए पैसा नहीं है, जिसकी वजह से आम्रपालि का काम बंद है, इन सब के वावजूद NBCC के CMD अपने कुछ ख़ास चाहने वालों की एंट्री पिछले दरवाज़े से कराना चाहते हैं , आख़िर क्यूँ इतनी महत्वपूर्ण पद पर पार्ट टाइम के लिए रखा जा रहा है, ज़्यादातर ये देखा गया है कि पार्ट टाइम पर कार्य करने वालों की कोई जवाब दही तय नहीं होती और फिर बाद में उनसे जुड़े कामों पर सवालिया निशान लग जाता है, जो कि ठीक नहीं है, जब हमने इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई तो हमारी यूनियन के ख़ज़ांची रवीश कुमार जी का ट्रांसफ़र कर दिया गया जिसका हम विरोध कर रहे हैं, हमारा ये मत है कि अगर आपको रखना ही है तो प्रधानमंत्री के रोज़गार उपलब्ध कराने वाली योजना पर अमर करें विज्ञापन निकाल कर परमानेंट रखें यूवाओं को रोज़गार दें, आगे गुफ़्तगू में उन्होंने बताया की हमें इस बात का भी पता है की इन पार्ट टाइम की पोस्ट पर किसको चुना जायगा उसका नाम पहले से तय है, जिसको चुना जाना है वो तीन साल पहले ही निदेशक के इंटर्व्यू में फैल हो चुका है, मुझे इस बात को कहने में कोई परहेज़ नहीं है की जिस तरह से हमारे वर्तमान CMD पिछले कई अटेम्प्ट में निदेशक नहीं बन पाए और अचानक उन पर असीम कृपा हुई और वो NBCC के CMD नियुक्त हो गए ? तो क्या वो ये परम्परा NBCC में बनाए रखना चाहते हैं ?

उपरोक्त विषय में हमने NBCC के CMD श्री पी के गुप्ता जी से उनके मोईबल पर सम्पर्क किया पर उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया, तदुपरांत एक बड़े सीनियर अधिकारी ने हमें इस बारे में बताया की अधिकारीयों की यूनियन को कुछ ग़लतफ़हमी हुई है, ऐसा कुछ भी नहीं है जैसा वो सोच रहे हैं, हम सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों का पालन कर रहे हैं, आज के हालातों को देखते हुए ज़्यादातर संस्थान पार्ट टाइम पर ही नियुक्ति को वरीयता दे रहे हैं, जहां तक आपके दूसरा सवाल जवाबदेही का है तो हमने अपने विज्ञापन में साफ़ कहा है कि पार्ट टाइम नियुक्त किए गए अधिकारियों की ज़िम्मेदारी उन अधिकारीयों की होगी जिनको वो रिपोर्ट करेंगे और रिपोर्ट अधिकारी परमानेंट सर्विस से होगा , उपरोक्त विषय में CVC के दिशा निर्देशों का पालन भी किया गया है ।

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