नई दिल्ली: दिलशाद कॉलोनी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (ABDE ब्लॉक) ने कॉलोनी की गंभीर समस्याओं को लेकर सांसद मनोज तिवारी को आमंत्रित किया। सांसद महोदय ने न केवल स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं, बल्कि अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि “नेता तभी अच्छा माना जाता है, जब जनता की शिकायतें तुरंत प्रभाव से दूर की जाएं।” अधिकारियों ने भी इस पर सहमति जताई।
मनोज तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम रोजाना दिल्ली की मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और अन्य मान्यवरों के साथ बैठकों में रहते हैं, लेकिन हमें ये भी पता होना चाहिए कि हमारे इलाके की जनता किन समस्याओं से जूझ रही है, ताकि उन्हें जड़ से हल किया जा सके।”
आज दिल्ली से अगर एक रुपये चलता है तो पूरा की पूरा एक रुपया गरीब की जेब में जाता है , देश में ऐसी भी सरकारें थीं जब दिल्ली से दस रुपये चलते थे तो गरीब की जेब में केवल एक रुपया ही पहुंचता था -नितिन नवीन (बीजेपी अध्यक्ष )
सांसद ने कार्यकर्ताओं पर भी साधा निशाना श्री तिवारी ने आगे कहा, “इस इलाके में तो कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है। अगर उनके साथ बैठ जाओ तो पूरी रात तालीम देते रहेंगे, लेकिन उनके ज्ञान की पोटली से कुछ निकलता नहीं। असल काम करने का समय किसी के पास नहीं है।** मुझे इसमें कोई संकोच नहीं है कि जो काम कार्यकर्ता नहीं कर पाए, वो इस कॉलोनी की RWA ने करके दिखाया।**”
पार्क में पंपिंग बूस्टर की मांग स्थानीय निवासियों ने सांसद से कॉलोनी के पार्क में नया पंपिंग बूस्टर लगाने की मांग की। फिलहाल जो बूस्टर लगा है, वो पुरानी सीमापुरी से आगे है, जिसकी वजह से कई कॉलोनियों में सीवर का दबाव ठीक से नहीं पहुंच पाता। इससे गंदा पानी और ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है, जो महामारी फैला सकती है। अगर यहां बूस्टर लग जाता है तो समय पर सीवर बूस्टिंग हो सकेगी और लोगों को राहत मिलेगी।
जब पत्रकार ने सांसद से पूछा कि जनता को इस समस्या के समाधान के लिए क्या आश्वासन है, तो मनोज तिवारी ने हाथ उठाकर कहा, “इस मुद्दे को मेरे संज्ञान में लाया गया है।”
अंत में सांसद महोदय ने मजबूत संदेश देते हुए कहा: “जो मजा संघर्ष करने में है, वो कामयाबी में नहीं है।”












































