दिलशाद कॉलोनी: दिलशाद कॉलोनी के ABDE ब्लॉक में स्थानीय निवासियों और पुलिस अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कॉलोनी की सुरक्षा, नशे की समस्या, पार्कों में असामाजिक गतिविधियां और अन्य लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान निवासियों ने कहा कि पुलिस पूरे देश में लॉ एंड ऑर्डर को अच्छी तरह संभाल रही है, लेकिन जब किसी नेता का काल आता है तो सब कुछ ढीला पड़ जाता है। इस पर पुलिस अधिकारी ने साफ कहा, “यहाँ राजनीति न करें। मैं राजनीतिक बातें सुनने नहीं आया हूँ। अगर ऐसी बात है तो मैं चलता हूँ। मैं तो समस्याएँ सुनने आया हूँ।”
आरके शर्मा ने बैठक में कहा कि कॉलोनी में पुलिस के साथ नियमित बैठक करने की परंपरा रही है। उन्होंने मुख्य समस्याओं का जिक्र करते हुए बताया: • कॉलोनी तीन तरफ से घिरी हुई है, जैन मंदिर और सीमापुरी इलाके से जुड़ी हुई है। • पार्क में असामाजिक तत्वों का घुसना और छेड़छाड़ की शिकायतें लगातार आ रही हैं। • पूरी कॉलोनी नशे का हब बन गई है। निवासियों ने पुलिस से नशे के कारोबार को पूरी तरह समाप्त करने की अपील की।
निवासियों ने बताया कि कॉलोनी में कई गेट हैं, जिन्हें बंद करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है। SHO ने जवाब देते हुए कहा कि पुलिस किसी को मना नहीं कर सकती, लेकिन अगर कोई बदमाशी करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास कई पार्क हैं, जहां रोटेशन सिस्टम से निगरानी की जाती है।
विनोद जी ने SHO साहब का आभार जताते हुए कहा, “हमारा निमंत्रण स्वीकार करने के लिए धन्यवाद। SHO साहब हमारी कॉलोनी के लिए हमेशा उत्सुक रहते हैं और उत्कृष्ट सेवाएं देते हैं।”
अन्य प्रमुख मांगें: • कॉलोनी में दो पुलिस बूथ हैं, लेकिन पिछले तीन साल से बीट बूथ में कोई अधिकारी नहीं रहता। निवासियों ने इसे तुरंत सक्रिय करने की मांग की। • कुछ फ्लैटों में वेश्यावृत्ति चल रही है, जिस पर काबू नहीं पाया जा रहा। निवासियों ने डीलरों को बुलाकर सख्ती बरतने की अपील की। बैठक में स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह बैठक कॉलोनीवासियों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।









































