हरियाणा में सरकारी फंड के दुरुपयोग से जुड़े बड़े मामले में CBI ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए 02.09.2026 को पंचकूला में CBI मामलों के Learned Special Judge के समक्ष तीसरा आरोपपत्र दाखिल किया है। इस बार 19 आरोपियों के नाम शामिल हैं, जिनमें हरियाणा कैडर के छह IAS अधिकारी, चार बैंक अधिकारी और हरियाणा सरकार के नौ अन्य अधिकारी शामिल हैं।
मामला IDFC First Bank और AU Small Finance Bank में रखे गए हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और संगठनों के फंड से जुड़ा है। CBI के अनुसार, आरोपपत्र में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, साक्ष्य नष्ट करने, जालसाजी, झूठे दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करने, खातों में हेरफेर, आपराधिक विश्वासघात और उकसावे से जुड़े आरोप BNS के तहत लगाए गए हैं। रिश्वतखोरी और आपराधिक कदाचार के आरोप Prevention of Corruption Act के तहत जोड़े गए हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी लोक सेवकों ने IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के आरोपी बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से फंड ट्रांसफर किए। आठ हरियाणा सरकारी विभागों के फंड, जो अलग-अलग empanelled banks में थे, उन्हें IDFC और AU Small Finance Bank की खास शाखाओं में खोले गए खातों में ले जाया गया। इस प्रक्रिया में हरियाणा सरकार के Finance Department के financial prudence और fraud prevention संबंधी दिशानिर्देशों का उल्लंघन हुआ।
CBI के अनुसार, इन खातों से रकम को fraudulent means के जरिए उन third parties तक भेजा गया जिनका सरकारी विभागों से कोई संबंध नहीं था। इसके बाद रकम कई बैंक खातों के जरिए layered की गई, cash में बदली गई और आरोपियों ने गलत तरीके से लाभ उठाया।
इस घोटाले से हरियाणा सरकार के आठ विभाग और संगठन प्रभावित हुए। इनमें Department of Panchayat, Municipal Corporations of Panchkula and Kalka, Haryana School Shiksha Pariyojna Parishad, Haryana Labour Welfare Board, Haryana State Agricultural Marketing Board, Haryana State Pollution Control Board और Haryana Power Generation Corporation Limited शामिल हैं। कुल fraud quantum Rs. 504 crore बताया गया है।
CBI ने यह जांच हरियाणा सरकार के अनुरोध पर State Vigilance and Anti-Corruption Bureau, Haryana से अपने हाथ में ली थी। इससे पहले इसी मामले में 18 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है, जिनमें IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के लोक सेवक, private individuals और private companies शामिल थे। नए आरोपपत्र के बाद अब तक chargesheeted व्यक्तियों की कुल संख्या 37 हो गई है।
इस मामले में CBI अब तक 54 searches कर चुकी है। जांच के दौरान incriminating evidences के साथ लगभग Rs 20 crore मूल्य का gold भी जब्त किया गया है। अब तक 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
CBI ने Union Territory of Chandigarh से जुड़े दो अन्य संबंधित मामलों को भी अपने हाथ में लिया है। इनमें एक मामला Chandigarh Smart City Limited और Municipal Corporation Chandigarh से संबंधित है, जबकि दूसरा Chandigarh Renewable Energy and Science & Technology Promotion Society से जुड़ा है। दोनों मामलों में आरोपपत्र पहले ही दाखिल किए जा चुके हैं।
CBI ने कहा है कि तीनों मामलों में अन्य suspects और accused के खिलाफ आगे की जांच जारी रहेगी। एजेंसी का जोर misappropriated public funds की पूरी trail की पहचान करने और proceeds of crime को trace करने पर है।













































