केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने चंद्रा प्रोटेको लिमिटेड (CPL), उसके तीन निदेशकों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज किया है। भारतीय बैंक की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में पांच बैंकों को लगभग ₹210.13 करोड़ का कथित नुकसान होने की बात कही गई है।
छह बैंकों के कंसोर्टियम से लिया था ऋण
CBI के अनुसार, भारतीय बैंक के नेतृत्व वाले छह बैंकों के कंसोर्टियम ने कंपनी को ₹541.46 करोड़ की कैश क्रेडिट सुविधा, टर्म लोन और लेटर ऑफ क्रेडिट जारी किए थे। शिकायत भारतीय बैंक की स्ट्रेस्ड एसेट मैनेजमेंट ब्रांच, मुंबई ने दर्ज कराई।
शिकायत में आरोप है कि कंपनी ने कंसोर्टियम से बाहर के बैंकों में गुप्त खाते संचालित किए और साझा निदेशकों वाली संस्थाओं तथा सहयोगी कंपनियों के जरिए लेन-देन किया। CBI का आरोप है कि ऋण के धन का उपयोग स्वीकृत उद्देश्यों के लिए नहीं किया गया और धन को सहयोगी कंपनियों के माध्यम से दूसरी जगह भेजा गया।
प्रयागराज में परिसरों पर तलाशी
मामला दर्ज होने के बाद CBI ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में CPL के निदेशकों से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी ली। एजेंसी के अनुसार, तलाशी के दौरान संबंधित अवधि के लेजर और जांच से जुड़े अन्य दस्तावेज बरामद कर जब्त किए गए।
Also Read: NewsIP.in पर बिजनेस समाचार
मामले में CPL के निदेशक रंजीत गुप्ता, अनिलेश गुप्ता और अपर्णा गुप्ता के नाम हैं। CBI ने अज्ञात लोकसेवकों और अन्य व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया है। एजेंसी ने कहा है कि कथित साजिश के पूरे दायरे, सभी संबंधित लोगों की भूमिका और ऋण राशि के अंतिम उपयोग की जांच जारी है। आरोपों पर किसी आरोपी की प्रतिक्रिया स्रोत सामग्री में शामिल नहीं है।









































