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एक ही नाम PESB ने रिजेक्ट किया,सर्च कमेटी ने सिलेक्ट किया ?

Will the same history will be repeated in NBCC Case.....?

दो दीवाने शहर में आशियाना …हिंदुस्तान में आशियाना बनाने वाली एक सरकारी कंपनी का नाम है NBCC, सरकारी आशियाने बनाती है, सरकारी अफ़सरों को काम करने के लिए दफ़्तर रूपी आशियाने भी बनाती है, लक्ज़री से ले कर निम्न परिवारों तक सभी के लिये आशियाने बनाती है, सरकार के कहने पर भी बनाती है और कोर्ट के कहने पर भी बनाती है। लंबे अरसे से इस कंपनी पर एक विपदा चल रही थी पूरे हिंदुस्तान में टैलेंट का आकाल पड़ जाने के कारण कंपनी के दो पद लंबे समय से रिक्त पड़े थे, शायद उन दोनों पदों को क्रोना हो गया हो कंपनी और मंत्रालय के डॉक्टरों ने वैक्सीन के रूप में अतिरिक्त चार्ज इसी कंपनी के अफ़सरों को दे कर इति श्री कर दी थी, अब क्रोना ख़त्म होने के कगार पर है तो इन पदों पर भी कोविड वैक्सीन ने पूरी तरह असर दिखाया और सब कुछ ठीक हो गया।

मंत्रालय की सर्च कमेटी ने इस  कंपनी के दो निदेशकों, निदेशक वाणिज्य और निदेशक परियोजना के पद के लिए विज्ञापन जारी कर उम्मीदवारों से आवेदन पत्र माँगे बस फिर क्या था जो उम्मीदवार पिछली बार PESB बोर्ड में फेल हुए थे या किसी नीति  का शिकार हुए थे वो भी और जो पिछली बार आवेदन करने से रह गये थे वो भी सब ने मिलकर मंत्रालय की सर्च कमेटी का जयकारा लगा कर अपने अपने आवेदन सर्च कमेटी को भेज दिये।

अब सुना है कि “चलो बुलावा आया है ,
सिलेक्ट करने वाले पुरोहितों ने बुलाया है,
इस महीने की 28 तिथि को सर्च कमेटी के पुरोहितों ने  मंत्रालय में अपना दरबार लगाया है।

                                               जिसने जितना ……प्रसाद …..उतना ही फल पाया है,

                                                        … ज़ोर से बोलो …. सारे बोलो…. मिल कर बोलो …. सिलेक्शन कमेटी के पुरोहितों की जय।”

यहाँ आपको याद दिलाते चलें कि निदेशक परियोजना को भरने के लिए PESB ने इश्तहार दिया था पर निदेशक वाणिज्य के पद को भरने को ले कर PESB ने कोई भी दिलचस्वी नहीं दिखाई, निदेशक परियोजना के लिए PESB ने कुल 8 उम्मीदारों को 07/07/2021 को तीन बजे इंटरव्यू के लिए हाज़िर होने को कहा था इन 8 उम्मीदवारों में से 4 उम्मीदवार एनबीसीसी के थे बाक़ी एनबीसीसी के बाहर के थे शाम होते होते PESB ने इन सभी आठों उम्मीदवारों को NBCC के  निदेशक परियोजना की दावेदारी से ख़ारिज कर दिया और हुक्म फ़रमाया कि इस बाबत बोर्ड इनमें से किसी भी उम्मीदवार की सिफ़ारिश इस पोस्ट के लिए नहीं करता है और सलाह देता है कि  इस पोस्ट के लिए सर्च कम सिलेक्शन कमेटी द्वारा संबंधित मंत्रालय इस मामले को देखे।

बोर्ड ने ऐसा फ़ैसला क्यों लिए ये बोर्ड के सदस्य और बोर्ड की चेयरमैन साहिबा ही बेहतर समझ सकती हैं इस बारे में हमारी अक़्ल थोड़ा नाक़िस है पर हमने अपनी अक़्ल में इज़ाफ़ा करने के लिए एक माहिरींन से से ये इल्तेज़ा फ़रमाई कि इस बाबत अपने तजुर्बे से हमारे पाठकों को थोड़ा रू ब रू कराये, ये एक ऐसे माहिरींन हैं जो पूर्व में इस तरह के सिस्टम का हिस्सा रहे हैं, उनके मुताबिक़  ऐसी राय है कि जब भी किसी उम्मीदवार को चयनित करने का दवाब महसूस होता है तो बोर्ड पैनल में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को रिजेक्ट कर देता है और गैन्द  सर्च कम सिलेक्शन कमिटी के पाले में डाल देता है, ऐसे कई फ़ैसले हम देख सकते हैं जिस में पैनल ने सारे उम्मीदवार रिजेक्ट कर दिये और बाद में उन्हीं में से एक उम्मीदवार को सर्च कम सिलेक्शन कमेटी ने चुन लिया।हमने अपने फोटोग्राफ में आपके सम्मुख दोनों उदाहरण पेश किए हैं किस तरह सीरियल नंबर 3 के एक उम्मीदवार को बोर्ड ने रिजेक्ट कर दिया और उसी उम्मीदवार को सर्च कमेटी ने सिलेक्ट  कर दिया। हमारा सवाल सिर्फ़ इतना है कि जब बोर्ड में एक उम्मीदवार रिजेक्ट हो गया तो सर्च कमेटी में उसके सिलेक्ट  होने का Criteria क्या रहा होगा ?

newsip के एडमिन एडिटर ने इस फ़लसफ़े को समझने के लिए जब इस बाबत PESB कार्यालय में संपर्क किया तो हमे ये बताया गया कि इस मामले में बोर्ड की चेयरमैन साहिबा ही आपको कुछ बता सकती हैं और अभी फ़िलहाल वो उपलब्ध नहीं हैं आप मेल भेज दें।

अब हमे देखना ये होगा कि NBCC के मामले में सर्च कम सिलेक्शन कमेटी 28 तारीख़ को इन दोनों पदों के लिए क्या फ़ैसला लेती है ? जबकि PESB बोर्ड ने एनबीसीसी के निदेशक वाणिज्य की पोस्ट के लिए ना ही कोई विज्ञापन जारी किया और ना ही इंटरव्यूज़ के लिए किसी उम्मीदवार को आमंत्रित क्या था, इस पोस्ट के लिए सीधे सर्च कमेटी ही इंटरव्यूज़ ले रही है , NBCC में निदेशक वाणिज्य का जन्म वर्ष 2014 के बाद हुआ और इसके जनक NBCC के ही एक पूर्व CMD थे।

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