अयोध्या पर्व – राम राज्य के जीवन मूल्यों पर अमल कर प्रसारित करने पर दें बल – नितिन गडकरी

नई दिल्ली, । मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या की दिव्य व अलौकिकता को देश व दुनिया के सामने रखने वाले बेहद ही शानदार कार्यक्रम “अयोध्या पर्व” का  धूमधाम से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में शुभारंभ हुआ। अध्यात्म, संस्कृति एवं लोकपरंपरा के उत्सव “अयोध्या पर्व” का आज केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, महंत कमलनयन दास, वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय व कार्यक्रम के संयोजक अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह के द्वारा किया गया। हर वर्ष आयोजित होने वाले “अयोध्या पर्व” के आयोजन श्रृंखला की यह पाँचवी कड़ी है।

अध्यात्म, संस्कृति एवं लोकपरंपराओं के उत्सव के संगम का यह भव्य आयोजन 7 से 9 अप्रैल तक चलेगा। यहां आपको बता दें कि “अयोध्या पर्व” का आयोजन वर्ष 2019 से लगातार प्रति वर्ष हो रहा है और इस वर्ष यह पाँचवा आयोजन है। “सियावर रामचंद्र की जय” के दिव्य उद्घोष के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ भारत की प्राचीन परंपरा के अनुसार मंत्रोच्चारण के साथ दीप प्रज्जवलन करके किया गया, मंत्रोच्चारण पंडित गणेश के द्वारा किया गया। इसके पश्चात् कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों के द्वारा “अहो अयोध्या” पुस्तक का लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष व पत्रकारिता जगत के दिग्गज राम बहादुर राय ने राम मंदिर आंदोलन के संघर्ष को याद किया, उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए दिवंगत अशोक सिंघल के संघर्ष को याद किया। उन्होंने “अयोध्या पर्व” को एक आकांक्षा एवं सपना कहा, उन्होंने कहा कि भारत का गीत जहाँ मुखरित होता है वह स्थान पावन अयोध्या नगरी है। राम बहादुर राय ने अयोध्या नगरी की समस्याओं को याद दिलाते हुए उनके निराकरण का प्रश्न सामने रखा, इस अवसर पर उन्होंने अयोध्या में जमीनों की बंदरबांट के खेल को उठाकर रुकवाने के लिए अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह को बधाई दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने अयोध्या आंदोलन की पूर्णाहुति एवं मंदिर निर्माण के पश्चात् की दिशा पर विस्तार से चर्चा की, उन्होंने राम राज्य के जीवन मूल्यों को अमल करने व प्रसारित करने पर बल दिया, उन्होंने रोजगार प्रसार, आधुनिकता, सामाजिक समता के स्थापना की दृष्टि विकसित करने की बात की, उन्होंने प्राचीन व आधुनिकता के संगम पर जोर दिया, साथ ही उन्होंने अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह को अयोध्या में नागपुर की तरह ही भव्य फाउंटेन के माध्यम से संगीत मय इतिहास व संस्कृति दिखाने की नई परियोजना शुरु करने व अयोध्या के विकास में सहयोग करने का वादा किया। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देश से हर वर्ष डीजल व पेट्रोल की खरीद के लिए अरब देशों को जाते धन को रोकने के लिए डीजल व पेट्रोल पर निर्भरता कम करने की पहल करते हुए देश के अनमोल धन व देश को प्रदूषण मुक्त करने के लिए ठोस पहल करने के लिए कहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महंत कमलनयन दास ने अयोध्या के आदर्श को जन-जन तक और विश्वभर में पहुंचाने का लक्ष्य दिया, उन्होंने हिन्दूओं के मंदिर व धार्मिक संस्थानों पर सरकार कब्जे पर केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी का ध्यान आकर्षित करवाया, उन्होंने देश के स्कूलों में विद्यार्थियों को मुगलों के इतिहास को पढ़ाने व भारतीय संस्कृति को गलत तरीके से पढ़ाये जाने को भी सभा के समक्ष रखा, उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू करने की वकालत करते हुए कहा कि अगर समय रहते इस पर अमल नहीं किया गया तो वह दिन दूर नहीं है जब देश का एक और बंटवारा होने की पूरी संभावना है, साथ ही उन्होंने अयोध्या में संस्कृति धरोहर के संरक्षण की सरकार से माँग की। कार्यक्रम के संयोजक व अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह ने अतिथियों व कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय का धन्यवाद ज्ञापित किया, उन्होंने सभी आगँतुकों का कार्यक्रम में सहयोग करने के लिए धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम के सफलता की शुभकामनायें दी।

इस कार्यक्रम के शुभारंभ के सत्र में मुख्य अतिथि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी रहे, कार्यक्रम की अध्यक्षता पूज्य महंत श्री कमल नयनदास ( उत्ताराधिकारी- मणि राम दास छावनी अयोध्या) ने की, इसके अतिरिक्त आयोजन समिति के अध्यक्ष राम बहादुर राय (अध्यक्ष, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र) कार्यक्रम के संयोजक लल्लू सिंह (सांसद-अयोध्या) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राकेश सिंह (सचिव, आयोजन समिति) ने किया। आयोजन समिति के कार्यकारी प्रमुख देवेन्द्र नाथ राय रहे।इसके पश्चात् भोजन अंतराल एवं परस्पर मेल-मिलाप का कार्यक्रम हुआ, कार्यक्रमों की श्रृंखला में अगला कार्यक्रम मल्लखंभ का था, इसे दिल्ली के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किया। सायं 6 बजे से 7 बजे तक मधुर मार्गी संगीत का आयोजन हुआ, मृदंग सम्राट पागलदास जी की परंपरा के उत्तराधिकारी विजय राम दास जी के समूह ने सुमधुर संगीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सतीश शर्मा ने कलाकारों को अंग वस्त्र एवं भेंट देकर सम्मानित किया।

आज का आखिरी कार्यक्रम फरुवाही लोकनृत्य का प्रदर्शन सायं 7 बजे से 8:30 बजे तक हुआ, शीतला प्रसाद वर्मा के समूह ने इस नृत्य का बेजोड़ प्रदर्शन किया, इसी के साथ आज प्रथम दिन के कार्यक्रम का समापन हुआ। अध्यात्म, संस्कृति एवं लोकपरंपरा के उत्सव “अयोध्या पर्व” में आगामी दो दिन भी ऐसे ही शानदार कार्यक्रमों की श्रृंखला का आयोजन होगा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र नई दिल्ली में कार्यक्रम की आयोजन समिति आगतुकों के स्वागत के लिए प्रतीक्षारत है। (दीपक कुमार त्यागी / हस्तक्षेप स्वतंत्र पत्रकार)

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