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ईद का पर्व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करतेहुए अपनों के बीच मनाए और मुल्क कीतरक्की और खुशहाली के लिए दुआ करे:- मौलाना सैयद अरशद मदनी (अध्यक्ष, जमीयत उलेमा हिंद)

नई दिल्ली:- कोरोना महामारी ने आज जिसतरह से देश में जकड़ रखा है उससे निकलने केलिए हमे स्वास्थ्य निर्देशो का पालन पूरीईमानदारी से करना होगा. मौलाना मदनी ने कहाकि कोरोना महामारी ने जिस तरह से देश कीअर्थव्यवस्था और सरकारी व्यवस्थाओं कोउजागर किया वो चिंताजनक है, मौलाना मदनीने कहा कि आज जिस तरह से देश की तमामसंस्थाएं धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठकर सिर्फइंसानियत की बुनियाद पर अनवरत काम करी हैदरसल असली हिन्दुस्तान यही है. मौलाना मदनीने मजदूरों का जिक्र करते हुए कहा कि जिसतरह से सड़को पर मजदूर अपनी बेचारगी औरलाचारी लेकर निकला अगर उसको स्वयंसेवीसंस्थाएं ना सहारा देती तो स्थिति कोरोनामहामारी से ज्यादा भयावह होती, मौलाना मदनीने कहा कि जो लोग कपड़ों से इंसान कीपहचान का दावा करते थे आज उनको भीअहसास हो गया होगा की कपड़ों ने इंसान किपहचान नहीं की बल्कि मानवता और भाईचारे नेइंसान कि पहचान इंसान से करवाई और यहीहमारे देश का मूल पहचान है,जमीयत द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों काजिक्र करते हुए मौलाना मदनी ने कहा किजमीयत मानवीय जरूरतों के हर पहलू पर दिनरात अनवरत लगी है फिर वो चाहे राशन कीव्यवस्था हो, चिकित्सा की व्यवस्था हो या फिरआर्थिक मोर्चे की बात हो. जमीयत देश भर मेंफैले अपने लाखो कार्यकर्ताओं के साथ आजभी सड़को पर इंसानियत की मिशाल पेश कररही है।

मौलाना मदनी ने कहा कि कोरोना कीलड़ाई सिर्फ लॉकडाउन खत्म होने तक हीसीमित नहीं है बल्कि हमने जो इंसानियत औरभाईचारे की जो मिशाले इस दौरान पेश कि उसीको आधार बनाकर ही मुल्क का विकास होगाऔर ये सिर्फ और सिर्फ आपसी भाईचारे, प्यारऔर इंसानियत की ही बुनियाद पर हो सकता हैऔर यही हमे कोरोना से हुए नुकसान की भरपाईभी करवाएगा.

मौलाना मदनी ने कहा ईद का पर्व आने वाला हैऔर इस दौरान सभी को पहले कि ही सोशलडिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए क्योंकिमहामारी किसी धर्मविशेष कि नहीं होती, ईद कात्योहार स्वास्थ्य निर्देशो का पालन करते हुएअपनों के बीच मनाए और मुल्क की तरक्कीऔर खुशहाली की दुआ करे

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