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ईडी बिग बॉस का घर है

नई दिल्ली, आम आदमी पार्टी के नेताओं को षड्यंत्र के तहत फंसाने का पर्दाफाश हो गया है। ईडी ने हाईकोर्ट में कहा है कि सत्येंद्र जैन आरोपी नहीं हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने खुद ही कोर्ट में बोल दिया कि सत्येंद्र जैन “आरोपी” नहीं हैं। जब आरोपी ही नहीं हैं तो भ्रष्ट कैसे हुए? आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि ईडी ने हाईकोर्ट में कहा है कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ कोई एफआईआर और शिकायत नहीं है। भाजपा शासित केंद्र सरकार की एजेंसी ईडी एक ऐसी संस्था बनती जा रही है, जिसके जरिए विपक्ष के नेताओं को अपमानित किया जा रहा है और जेल में डाला जा रहा है। मोदी सरकार की ईडी विजय माल्या, ललित मोदी, नितिन सन्देसरा, येदियुरप्पा, व्यापम के घोटालेबाजों, ईश्वरप्पा जैसों पर कार्रवाई नहीं करती है। भाजपा को केजरीवाल सरकार और सत्येंद्र जैन से परेशानी यह है कि कैसे मोहल्ला क्लीनिक बना रहे हैं? दिल्ली के हेल्थ सिस्टम की चर्चा क्यों पूरे देश में हो रही है? उन्होंने कहा कि लोअर कोर्ट का आदेश था कि वकील साथ में रहेगा। इसके खिलाफ ईडी ने हाई कोर्ट में जाकर कहा कि अलग से पूछताछ करनी है, जबकि हकीकत में सत्येंद्र जैन को प्रताड़ित करना इसका मकसद है। आम आदमी पार्टी के नेताओं पर हजारों बार कार्रवाई हुई, लेकिन पीएम मोदी की कठपुतली को खुद क्लीनचिट देनी पड़ी है। इस मामले में भी बाद में कहेंगे कि कुछ नहीं मिला।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने मथुरा रोड एबी 17 में महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कई दिनों से बीजेपी के लोग, उनकी केंद्रीय मंत्री और बड़े नेता चिल्ला चिल्लाकर कह रहे थे कि सत्येंद्र जैन भ्रष्टाचारी है। उनको सूली पर चढ़ा दो। उनकी 10 दिन की रिमांड ली गई लेकिन कल हाईकोर्ट में ईडी ने कहा कि उनके खिलाफ न कोई एफआईआर है और न कोई शिकायत है। लेकिन स्मृति ईरानी सत्येंद्र जैन को देश का गद्दार कह रही हैं।

उन्होंने कहा कि क्या ईडी बिग बॉस का घर है कि एक मंत्री को जबरदस्ती अपनी गिरफ्त में रखा हुआ है कि आओ बैठकर बातचीत करेंगे। आज ईडी ऐसी संस्था बनती जा रही है, जिसके जरिए विपक्ष के नेताओं को अपमानित किया जा रहा है। जेल में डाला जा रहा है और अपने लोगों को बचाया जा रहा है। विजय माल्या, ललित मोदी, नितिन सन्देसरा, येदियुरप्पा, व्यापम के घोटालेबाजों, ईश्वरप्पा इनपर ईडी कार्रवाई नहीं करती है। ईश्वरप्पा ने 40 परसेंट एक ठेकेदार से मांगा था, लेकिन उसपर कार्रवाई नहीं हुई। ईडी आप के नेताओं पर कार्रवाई के लिए बनी है। हमारे नेताओं पर एक नहीं, एक हजार बार कार्रवाई हुई, लेकिन मोदीजी की कठपुतली और तोतों को खुद क्लीनचिट देना पड़ा। सीएम, डिप्टी सीएम के घर पर छापा पड़ा, हमारे 34 विधायकों पर 140 मुकदमे लगे, 72 मामलों में वे बरी हो गए हैं। कई मंत्रियों पर ईडी/सीबीआई का छापा पड़ा। केजरीवाल सरकार की 400 फाइलों की जांच कराई, लेकिन खुद कहा कि इसमें कुछ नहीं निकला

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