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हेल्थ ट्रेड लाइसेंस के नाम पर हर वर्ष 350 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार

एमसीडी के पार्षदों को घूस खिलाए बिना दिल्ली के किसी भी रेस्तरां का लाइसेंस जारी नहीं होता है। यह पूरा भ्रष्टाचार 350 करोड़ रुपये का है जो भाजपा के नेताओं और पार्षदों में बंटता है, इसीलिए भाजपा खाद्य लाइसेंस का विरोध कर रही है। मैं कहना चाहता हूं कि केजरीवाल सरकार दिल्ली के रेस्तरां के मालिकों और दिल्ली की जनता को बेहतर काम और बिजनेस करने देने के लिए प्रतिबद्ध है

नई दिल्ली, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल की सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए दिल्ली में 24 घंटे रेस्टोरेंट के संचालन की अनुमति देते हुए एमसीडी द्वारा जारी किए जा रहे गैर जरूरी हेल्थ ट्रेड लाइसेंस को रद्द कर दिया है। हेल्थ ट्रेड लाइसेंस के मुद्दे पर एफएसएसएआई ने भी 7 सितंबर 2020 को तीनों एमसीडी को पत्र जारी कर हेल्थ ट्रेड लाइसेंस देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा कि हेल्थ ट्रेड लाइसेंस देने के नाम पर प्रति वर्ष 350 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार किया जाता है, इसीलिए भाजपा शासित एमसीडी लाइसेंस देने की शक्ति अपने पास रखना चाहती है। केजरीवाल सरकार दिल्ली के रेस्तरां मालिकों और दिल्ली की जनता को बेहतर काम और बिजनेस करने का माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है।

अभी कुछ दिन पहले अरविंद केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सिटी बनाने के लिए एक बहुत अहम फैसला लिया। उन्होंने निर्णय लिया कि अब दिल्ली के सभी रेस्तरां 24 घंटे खुले रहेंगे। इसको लेकर दिल्ली सरकार प्रस्ताव लाई और बहुत सारे फालतू और फर्जी के लाइसेंस को खत्म कर दिया। आप सबको पता है कि जो लाइसेंस भाजपा शासित एमसीडी स्वास्थ्य लाइसेंस के नाम पर रेस्तरां को देती है, उसको हमने रद्द कर दिया।  मोदी जी की भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) संस्था ने सात सितंबर को एक पत्र एमसीडी को लिखा था। पत्र में एफएसएसएआई दिल्ली नगर निगम के आयुक्त और मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सात सितबंर को निर्देश जारी करते हुए कहा गया था कि नगर निगम कार्यालय द्वारा अलग से कोई लाइसेंस जारी न किया जाए। संज्ञान में आया है कि नगर निगम क्षेत्रों में खाद्य व्यवसाय संचालकों को लाइसेंस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एफएसएसएआई मोदी जी की संस्था है, मोदी जी खुद एमसीडी को लिख रहे हैं और कह रहे हैं कि तुम जो खाद्य लाइसेंस देते हो उसे बंद करो। भाजपा की एमसीडी भ्रष्टाचार में इतना डूब गई है कि अब वो अपनी ही केंद्र सरकार के निर्देश को भी नहीं मान रही है। कल एमसीडी ने कहा कि अगर वो खाद्य लाइसेंस देना बंद कर देंगे तो उन्हें सालाना 16 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। यह मामला 16 करोड़ का नहीं, बल्कि 350 करोड़ रुपये का है। 16 करोड़ तो सिर्फ दिखावा है।

एमसीडी के पार्षदों को घूस खिलाए बिना दिल्ली के किसी भी रेस्तरां का लाइसेंस जारी नहीं होता है। यह पूरा भ्रष्टाचार 350 करोड़ रुपये का है जो भाजपा के नेताओं और पार्षदों में बंटता है, इसीलिए भाजपा खाद्य लाइसेंस का विरोध कर रही है। मैं कहना चाहता हूं कि केजरीवाल सरकार दिल्ली के रेस्तरां के मालिकों और दिल्ली की जनता को बेहतर काम और बिजनेस करने देने के लिए प्रतिबद्ध है। हम इसी तरह जनता को जागरुक करते रहेंगे। एमसीडी को मेरा सुझाव है कि वो खाद्य लाइसेंस पर दिल्ली की जनता के साथ आए और अपने भ्रष्टाचारी दानव को मारकर रेस्तरां के मालिकों के साथ दे।

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