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वित्त मंत्री ने की 3 स्कीमो की घोषणा ‘अपने पैसे खर्च करो ऐसे,तेरा तुझको अर्पण, ऊंट के मुँह में जीरा’-कांग्रेस

नई दिल्ली :वित्त मंत्री जी ने 3 स्कीम्स चालू की हैं । पहली स्कीम का नाम है – ‘अपने पैसे, खर्च करो ऐसे’, ये पहली स्कीम है, जिसमें वित्तमंत्री देश को बता रही हैं कि देश के लोगों के पैसों को वो किस तरह से खर्च करेंगे देश के लिए,
दूसरी स्कीम का नाम है – ‘तेरा तुझको अर्पण’। जो आपका है, तेरा तुझको अर्पण कर दिया और देश को दिखा दिया उन्होंने दर्पण।
तीसरी स्कीम का नाम है – ‘ऊंट के मुँह में जीरा’।

वित्त मंत्री जी 3-4 महीने के अंतराल के बाद प्रकट हुई तो उन्होंने 3 नई स्कीम देश को दी। अब  एक-एक स्कीम का आपको ब्यौरा देंगे ।
पहली स्कीम  :  अपने पैसे खर्च करो ऐसे। इस स्कीम में , जो केन्द्र सरकार के कर्मचारी हैं, वो अपने एलटीसी के पैसे अब कंज्यूमर गुड्स की डिमांड को बढ़ाने के लिए भी खर्च कर सकते हैँ। पैसे तो उनके हैं ही, उसको एलटीसी तो मिल रही है, अब वो कह रहे हैं कि आप ट्रैवल नहीं करके, आप होटलों में इनक्रेडिब्ल इंडिया स्कीम है, उसमें टूरिज्म और ट्रैवल को बढ़ावा ना देकर आप एफएमसीजी को बढ़ावा दे दीजिए। मतलब आप एक उद्योग को कम करो, एक उद्योग को बढ़ाओ।हर जगह जहाँ पूरी मेजर सर्जरी की जरुरत थी, वापस बैंडेड लगाने का प्रयास माननीय वित्त मंत्री जी ने किया है।  वर्ल्ड बैंक भारत की विकास दर इस वर्ष नकारात्मक 3.2 प्रतिशत मानता था, उसने आज माइनस 9.6 प्रतिशत बोल दिया। 2-3 महीने पहले जो एसबीआई भारत की विकास दर माईनस 6.8 प्रतिशत मानता था, फाईनेंशियल ईयर 2021 के लिए उसने मानईस 10.9 प्रतिशत कर दिया। नमूरा हो, गोल्डमैन हो, क्रिसिल हो, इंडिया रेटिंग हो, मूडिज हो, सबने आर्थिक विकास दर  माईनस 5 – 6 प्रतिशत इस वर्ष भारत की मान रहे थे,  सब एजेंसीज ने पिछले एक महीने में माईनस 5 प्रतिशत को माईनस 10 प्रतिशत या उससे भी ज्यादा भयानक स्थिति में पहुंचा दिया है। तो पहली स्कीम- अपने पैसे खर्च करो ऐसे।
दूसरी स्कीम है, तेरा तुझको अर्पण। केन्द्र सरकार के कर्मचारी अब 10 हजार रुपए एडवांस लेंगे और वो 10 हजार रुपए उनकी सैलरी में से प्रति माह कटता भी जाएगा और उससे वो कंज्यूमर गुड्स को खरीदेंगे।  ये समझ नहीं आ रहा है कि ये आत्मज्ञान,  आपको याद होगा अप्रैल-मई में भी इनवेस्टमेंट को लोएस्ट बताया था, कंजम्शन को लोएस्ट बताया था, क्रेडिट ग्रोथ को लोएस्ट बताया था, उस समय आप नहीं चेते। 6 महीने बाद आपको कंज्यूमर गुड्स की बात याद आई, उसमें भी आप एक्स्ट्रा पैसा नहीं दे रहे हैं, लोगों को कह रहे हैं तेरा तुझको अर्पण।
तीसरी स्कीम जो आज लॉंच हुई है, वो है – ऊंट के मुँह में जीरा। इस स्कीम के तहत माननीय वित्त मंत्री जी ने कहा कि वो राज्यों को खर्चा, अपना एक्सपेंडिचर बढ़ाने के लिए राज्यों को एडिशनल 12 हजार करोड, अर्थात पूरे देश के अगर सारे राज्यों का बजट मिलाएं, तो वो लगभग 9 लाख करोड़ रुपए बनता है। तो 9 लाख का 12 हजार करोड़, मतलब 1.333 प्रतिशत। इतनी भयंकर मंदी है अर्थव्यवस्था में, दुनिया की बड़ी से बड़ी रेटिंग एजेंसी भारतीय अर्थव्यवस्था को निरंतर गिरता हुआ बता रही है, जो पहले माईनस 5 प्रतिशत के कॉन्ट्रैक्शन की बात करते थे, वो आज माईनस 10-11 प्रतिशत ऑवर ऑल ईयर का कॉन्ट्रैक्शन है वहाँ तक पहुंच गए हैं औऱ हम क्या कह रहे हैं 1.333 प्रतिशत, लगभग डेढ़ प्रतिशत राज्यों का जो एक्सपेंडिचर है, उसको बढ़ाने के लिए बोल रहे हैं और केन्द्र सरकार बोल रही है कि मैं, हम डिफेंस में और कुछ चुनिंदा विभागों में कुछ 25 हजार करोड़ रुपए वो और इसमें एक्सपेंड करेंगे। ध्यान रहें उन सारे विभागों का कुल बजट 4 लाख 13 हजार करोड़ है और आपने 25 हजार एडिशनल किया, मतलब 6 प्रतिशत।
हमने देखा पिछले 2 महीने में बड़ी-बड़ी ऑटो मोबाईल कंपनियां, मैं नाम नहीं लूंगा, क्योंकि आप सबको पता है, भले ही वो जरनल मोटर्स हो, भले ही वो हार्ले डेविडसन हो, वो देश से अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर जा रही है, क्योंकि वो कह रही है कि 28 प्रतिशत जीएसटी जो आप मोटर्स पर लगाते हैं, वो कोई लग्जरी आईटम नहीं है देश में। तो रेट रेशनलाइज कीजिए, पब्लिक स्पेंडिग बढ़ाईए और जनता को मूर्ख बनाने का जो कार्यक्रम आपने आज किया है, उसको बंद कीजिए। एक ऐसी ठोस आर्थिक नीति को लेकर आईए, जिससे देश के लोगों को फायदा हो और हम इस भयंकर मंदी से, इससे भयंकर मंदी नहीं हो सकती है, इस भयंकर मंदी से, इस भयंकर बेरोजगारी से बाहर आ सकें।

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