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बिहार की जनता भाजपा और जेडीयू से छुटकारा चाहती है-कांग्रेस

नई दिल्ली : आज पूरे देश के किसान रोड़ पर हैं, अपना गुस्सा इस सरकार के खिलाफ, एनडीए के खिलाफ दिखा रहे हैं। काले कानून के खिलाफ जो आक्रोश सभी मीडिया के चैनलों में आज के दिन सुबह से चल रहा था, उसी वक्त, इसी दिन आज चुनाव आयोग ने एक लंबी प्रेस वार्ता की और चुनाव की घोषणा की है, बिहार के चुनाव की। बिहार की जनता भाजपा और जेडीयू से छुटकारा चाहती है और मैं स्वागत करता हूं कि चुनाव आयोग ने आज बिहार की जनता को कुशासन से मुक्ति देने की तारीखों की घोषणा की है, उनका मैं दिल से स्वागत करता हूं।
ये चुनाव बिहार का राजनैतिक दलों के बीच नहीं, जनता के अहम मुद्दे और वहाँ पर ना ताल, ना मेल, एक खींचे ईस्ट में, दूसरा खींचे वेस्ट में और बीच में जनता पिस रही है, ऐसे बिहार के कुशासन वाले शासक को और जनता के मुद्दों के बीच का ये चुनाव होने जा रहा है, साफ-साफ है, जो जनता 15 साल से एक फरेब का चेहरा बनाकर सु:शासन की बात करने वाले को पहचान चुकी कि ये तो कु:शासन, जिस भाजपा ने कहा था जेडीयू यानि कि जनता का दमन और उत्पीड़न, प्रधानमंत्री जी ने जेडीयू की यही व्याख्या की थी और नीतीश कुमार जी ने भाजपा के लिए कहा था – बी जे पी मतलब ‘बड़का झूठा पार्टी’, ये भी कहा था कि मिट्टी में मिल जाऊंगा, भाजपा से दोबारा हाथ नहीं मिलाऊंगा, पर फिर भी दोनों साथ-साथ आए, क्योंकि शासन में बैठना था, पॉवर के अलावा और कोई समीकरण नहीं था।
आज बिहार में हर जगह आप नजर करो, लोग दुखी और त्रस्त हैं। जो नीति आयोग एनडीए की सरकार के वक्त का बना, उस नीति आयोग ने कहा कि sustainable development में पूरे देश में अगर कोई सबसे नीचे गिरा हुआ राज्य है, सस्टेनेब्ल डेवलपमेंट में, तो वो बिहार है और उसका नतीजा हम देख रहे हैं। वहाँ पर तेज दिमाग वाले युवा हैं, यूपीएससी में टॉपर बिहारी बाबू ज्यादा रहते हैं, बिहार की बच्चियां ज्यादा रहती हैं, उस बिहार में शिक्षा देने के लिए शिक्षक नहीं हैं, तो उसको तनख्वाह नहीं, शिक्षक आत्महत्या करता है। कोरोना की महामारी को मैनेज करने में पूरी तरह से सरकार फेल, सरकार में बैठे हुए लोग भी कोरोना से ग्रस्त होकर दम तोड़ रहे हैं। जो श्रमिक इस देश के चमकते कंगूरे या विकास की नींव बनाता है, वो बिहारी मजदूरों का उसमें सबसे बड़ा योगदान है, उनको भगवान भरोसे छोड़ा गया। दर-दर की ठोकरें मेरे बिहार के श्रमिक खाते रहे, उनकी कोई चिंता नहीं की बिहार सरकार ने, ना मोदी सरकार ने। भाजपा के एमएलए के लिए सरकार की गाडी कोटा तक इललीगल तरीके से गई, पर बिहार के मेरे आम बिहारी परिवार के बच्चों की व्यवस्था नहीं हुई। इन सब मुद्दों में कोई मुद्दा अगर किसी को कहे, तो वो है मोदी जी का वो अनाउंसमेंट, 30 करोड़ दूं, 50 हजार करोड़ दूं, अरे भाईयों, बहनों 80 हजार करोड़ दूं और फिर बोले लो 1 लाख 20 हजार करोड़ का पैकेज दिया और मैं धन्यवाद करता हूं उस आरटीआई एक्टिविस्ट का, जो मुंबई से हैं, उन्होंने आरटीआई फाइल की और फाईनेंस विभाग ने अभी-अभी जवाब दिया है कि बिहार के पैकेज का एक रुपया भी बिहार को नहीं दिया गया। वो चाणक्य जी की भूमि है, वो भूमि लोकतंत्र की जननी है, उस बिहार की भूमि के लोग दिमागी रुप से तेज हैं। कैसा भी खेल, खेलें, भाजपा और जेडीयू, बिहार की जनता इस बार इनके झांसे में नहीं आएगी। कांग्रेस और गठबंधन के साथियों की सरकार बनेगी। हम एक पॉजीटिव एजेंडा के साथ वहाँ जाएंगे और लोगों का जो प्यार, आशीर्वाद हमें मिला है, मेरे सारे पीसीसी के मैंबर, हर डिस्ट्रिक्ट का दौरा करके आए हैं, सही आंकलन करके आए हैं, मुझे खुशी है कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता और नेताओं ने पंचायत अध्यक्ष तक की नियुक्तियां करके संगठन को मजबूत करने का काम किया है और 2015 में भी हमारा स्ट्राईक रेट अच्छा था। इस बार भी हम और हमारे साथी जो भी हैं, उन सभी के साथ मिलकर बिहार की जनता के आशीर्वाद से वहाँ पर हमारी सरकार बनेगी।

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