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मोदी सरकार ने अगले पांच वर्षों में अनुसूचित वर्ग के छात्रों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 59,048 करोड़ रुपये की राशि अनुमोदित की -थावरचंद गहलोत

अगले पांच सालों में केंद्र सरकार अपने हिस्से की राशि में हर वर्ष 5% की वृद्धि करते हुए इसे 80% तक ले जायेगी जिससे राज्य सरकारों पर बोझ काफी कम पड़ेगा। यह योजना इसी वर्ष से लागू हो जायेगी। केंद्र सरकार मार्च तक लगभग 5,500 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार को दे देगी। कांग्रेस सरकारें लगातार अनुसूचित वर्ग के साथना इंसाफी करती आई हैं। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर आज तक कांग्रेस की सरकारों ने अनुसूचित जाति के साथ केवलऔर केवल छल किया।-दुष्यंत गौतम

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत एवं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री दुष्यंतगौतम ने आज पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया और अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को मील का पत्थर बताते हुए  प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट किया। एससी वर्ग के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में पांच गुना की बढ़ोतरी की गई है। पहले कमिटेडलायबिलिटी के फ़ॉर्मूले के कारण लगभग आधे राज्यों को तो केंद्र से छात्रवृत्ति की राशि ही नहीं मिल पाती थी। कुछ राज्यों को आंशिक छात्रवृत्तिराशि मिलती थी तो कुछ राज्यों को ज्यादा मिलता था। इस योजना में केंद्र का हिस्सा सालाना 1200 – 1300 करोड़ रुपये ही होता था और अंतिमअंतिम दो वर्षों में तो औसतन 1100 करोड़ रुपये ही था। इतनी कम राशि के कारण दसवीं पास करने के बाद छात्रवृत्ति के अभाव में छात्रों को स्कूलछोड़ने को मजबूर होना पड़ता था। कम बजट के कारण राज्य सरकार भी छात्रवृत्ति देने में कठिनाई महसूस किया करती थी। समय पर छात्रों कोछात्रवृत्ति की राशि भी नहीं मिल पाती थी। इससे एससी वर्ग के छात्रों का ड्रॉप-आउट रेशियो बहुत अधिक हो जाता था। पहले कई ऐसीशिकायतें भी आई कि राज्य सरकारों ने छात्रवृत्ति योजना का पैसा किसी और मद में लगा दिया। ऐसी परिस्थिति में राज्यों से विचार करने के लिएलगातार सुझाव आते रहते थे। इन सभी बातों पर चर्चा कर हमने अनुसूचित वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना मेंबदलाव किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने अगले पांच वर्षों में अनुसूचित वर्ग के छात्रों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 59,048 करोड़ रुपयेकी राशि को अनुमोदित किया है जो पहले की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक है। इसमें केंद्र सरकार 35,534 करोड़ रुपये खर्च करेगी जोकुल योजना का 60% है और शेष 40% राशि राज्य सरकारों द्वारा वहन की जाएगी। योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से छात्रों के बैंक खातोंमें सीधे छात्रवृत्ति की राशि भेजी जाएगी। इससे नियत समय पर भुगतान हो सकेगा और उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिल पायेगा। उम्मीद है कि दसवीं कक्षा से आगे पढ़ाई जारी न रख पाने वाले लगभग 1.36 करोड़ गरीब छात्रों को अगले पांच वर्षों में इस योजना के माध्यम से उच्च शिक्षा प्रणालीके दायरे में लाया जा सकेगा। राज्य सरकारें ऑनलाइन पोर्टल पर पात्रता, जाति स्थिति, आधार पहचान व बैंक खातों के विवरण की जांच कर छात्रों की सूचीकेंद्र सरकार को सौंपेगी। उच्च शिक्षा में सबसे गरीब परिवारों के छात्रों के नामांकन के लिए अभियान चलाया जाएगा। अनुसूचित जाति वर्ग के सबसेगरीब छात्रों तक पहुंच को प्राथमिकता दिए जाने की योजना है। इससे पांच वर्षों में अनुसूचित जाति वर्ग के लगभग 4 करोड़ छात्रों को लाभ होसकेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में एक और प्रावधान किया जा रहा है कि इस योजना के तहत छात्रों के एकाउंट में पहले राज्य सरकार छात्रवृत्तिका पैसा हस्तांतरित करेगी और उसके बाद केंद्र सरकार अपने हिस्से की राशि हस्तांतरित करेगी। सभी राज्य सरकारें इस योजना से सहमत हैं औरउन्होंने इसे लागू करने की संस्तुति दे दी है। डीबीटी के कारण इस योजना में कोई लीकेज नहीं होगा और अनियमितताएं भी खत्म होगी। उन्होंने कहाकि अगले पांच सालों में केंद्र सरकार अपने हिस्से की राशि में हर वर्ष 5% की वृद्धि करते हुए इसे 80% तक ले जायेगी जिससे राज्य सरकारों परबोझ काफी कम पड़ेगा। यह योजना इसी वर्ष से लागू हो जायेगी। केंद्र सरकार मार्च तक लगभग 5,500 करोड़ रुपये का एमाउंट राज्य सरकारको दे देगी।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री श्री दुष्यंत गौतम ने कहा कि कांग्रेस सरकारें लगातार अनुसूचित वर्ग के साथना इंसाफी करती आई हैं। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर आज तक कांग्रेस की सरकारों ने अनुसूचित जाति के साथ केवलऔर केवल छल किया। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के साथ कांग्रेस ने कैसा दुर्व्यवहार किया था, ये हम सब जानते हैं। कांग्रेस की सरकार नेउन्हें ‘भारत रत्न’ भी नहीं दिया। बाबा साहब धारा 370 नहीं चाहते थे, पाकिस्तान के साथ आर-पार का बंटवारा चाहते थे, महिलाओं को बराबरी का हकदेना चाहते थे और वे समान आचार संहिता के भी पक्ष में थे लेकिन पंडित नेहरू उन्हें पसंद नहीं करते थे और उनका विरोध करते थे। कांग्रेस ने बाबा साहबका अंतिम संस्कार भी दिल्ली में नहीं होने दिया। दिल्ली में बाबासाहब की न तो समाधि है और न ही संग्रहालय। यह भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार है जिसने न केवल बाबा साहब की समाधि स्थल चैत्य भूमि का निर्माण कराया है बल्कि करोड़ों रुपये की लागत से बाबा साहब का संग्रहालय का निर्माण कार्य भी करा रही है। मोदी सरकार आने के बाद नकली छात्रवृत्ति वाले लगभग 50 लाख लीकेज पकड़े गए। कांग्रेस की सरकारों का यह बहुत बड़ाघोटाला था जो छात्रवृत्ति का पैसा भी हड़प जाया करते थे। पंजाब में 2019 में हमने छात्रवृत्ति के लिए 303.92 करोड़ रुपये दी थी लेकिन उन्होंने 18 दिसंबर को इसमें से 248 करोड़ रुपये निकाले जिसमें से 39 करोड़ रुपये का दस्तावेज अब भी नहीं मिल रहा है।

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