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श्रावण में श्रद्धालु बाबा बैधनाथ का करेंगे ऑनलाइन पूजा व दर्शन

(विनोद तकिया वाला)परिवर्तन प्रकृति का नियम है, जो कि अरक्षण सत्य है । प्रकृति परमात्मा का स्वरूप है दुसरे सरल शब्दो मे हम प्रकृति मे परमात्मा की परछाई देखने को मिलती है । तभी तो हमारे यहाँ पेड पौघे नदी, पहाड की पुजा की जाती है , लेकिन जब विज्ञान ने विस्तार का विशाल रूप धारण किया मानव अपनी नित्य नवीन भौतिक सुख विलास के लिए प्रकृति का दोहन किया परिणाम स्वरूप प्रकृति प्रकोप के रूप मे बाढ़ , सुखाड़ , भुकम्प व महा मारी के रूप मे मानव को सचेत करने की कोसिस की , आज ज्ञान व विज्ञान के दौर मे मानव अपना विनाश के लिए स्वय जिम्मेदार वन अपनी स्वार्थ व लोलुपता की पूर्ति मे मस्त है । परिणाम आज हम व आप के समझ आज कल भुकम्प के झटके व को रोना के कोहराम की काली परछाई मोत की फन फैलाये हुई ।
स्कूल कॉलेज , घार्मिक स्थल व सार्वजिनक पर एकत्रित होने की पावदी लगी हुई है । ऐसे मे मुझे अपने गृह राज्यझारखंड की सांस्कृतिक राजधानी बाबा बैधनाथधाम देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की याद बहुत आ रही है , सावन की रिम जीम वरसती फुहारोंके बीच मे केशरिया वस्त्र पहने असंख्य नर नारी के कंधों पर गंगा जल पात्रों ससुसज्जित कॉवर लिए कॉवरि यों के बोल बम की गगन चुम्बी बाबा की जय घोष , जगह जगह कॉवरियो के स्वागत मे बावा के बाबा के भक्तो व श्रद्वालुओ ‘ के द्वारा सेवा कैम्प व तोरण द्वार , जगह जगह मन मोहक मनोरम झांकी की यादें बहुत ही आ रही है । को रोना के इस संकट काल मे जब यह एक वैशविक महामारी बन चुकी है । विपत्ति के इस समय मे झारखण्ड सरकार व स्थानीय प्रशासन ने विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेलेआयोजन इस साल नहीं करने का फैसला लिया ,वही अब श्रावणी मेला नहीं होने की स्थिति में जिला प्रशासन इसबार ई-पूजा के तहत भगवान बैधनाथ के पूजा व दर्शन करने की व्यवस्था करने की योजना बनाई है।बावजूद जिला प्रशासन सावन महीने में बाबा बैधनाथ मंदिर क्षेत्र के आसपास सहित झारखंड प्रवेश द्वार कांवरिया पथ पर भी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था कर रही है।श्रावणी मेले का आयोजन इस साल नहीं होना है। ऐसे में श्रद्धालुओं को रोकने की तैयारी देवघर जिला प्रशासन भी कर रहा है।देवघर की उपायुक्त नैन्सी सहाय ने संवाददाताओ से बातचीत में बताया कि 30 जून तक झारखंड के सभी धार्मिक स्थल बंद रखा गया है। उपायुक्त नैंसी सहाय ने कहा राज्य सरकार के निर्देशानुसार 30 जून तक बाबा वैद्यनाथ मंदिर परिसर में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रखने का निर्देश है।वही जानकारी के आभाव में पूजा-पाठ करने अभी भी कुछ श्रद्धालु देवघर पहुँच रहे है।उन्हें भी मंदिर के पास जाने से रोका जा रहा है।। बाहरी वाहनों के मंदिर के आसपास के क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। बाबा मंदिर को जोड़ने वाले सभी प्रमुख मार्गो पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं।बिहार व राज्यों से आने वाली गाड़ियों को बिना वाहन पास शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। वही श्रद्धालुओं की आस्था का ध्यान रखते हुए इसबार जिला प्रशासन श्रावणी मेले में बैधनाथधाम व बासुकीनाथ में ई-पूजा की तैयारी में जुटी हुई है।. पर्यटन विभाग ने इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार किया है।ई पूजा प्रस्ताव झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेज दिया गया है देवघर की उपायुक्त नैन्सी सहाय ने बताया कि ई पूजा प्रारंभ होने से श्रद्धालु सावन महीने में ऑनलाइन पूजा कर सकेंगे। इसके साथ ही पर्यटन विभाग द्वारा बाबा बैधनाथधाम पोर्टल तैयार किया जाएगा। पोर्टल पर बाबा मंदिर से विशेष पूजा का लाइव प्रसारण किया जाएगा। पोर्टल पर बाबा की विशेष पूजा के लिए बुकिंग की सुविधा देने पर विचार किया जा रहा है।श्रद्धालु पोर्टल के जरिये बाबा बैधनाथ का प्रसाद भी खरीद सकेंगे ,साथ ही ऑनलाइन बाबा बैधनाथ मंदिर को दान भी दे सकेंगे

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