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सरकार जनता को लूट रही है -कपिल सिब्बल

मई 1, 2014 में क्रूड की कीमत थी- 106.85 डॉलर और आज क्रूडकी कीमत है– 38 डॉलर। 106 से लेकर 38 तक पहुंची, इतनी गिरावट हुई, 64 प्रतिशत की गिरावट हुई और पेट्रोल के दाम बढ़े, सरकार को फायदा होता रहा, लेकिनआम आदमी को नुकसान होता रहा। लबोलबाब ये है।

नई दिल्ली : पिछले 6 दिनों में जो इजाफा पेट्रोल के  दामों मेंआया है, वो 3.91 रुपए प्रति लीटर और डीजल का है- 4 रुपए प्रति लीटर, जो टैक्सेशन इंधन पर है, वो लगभग 69 प्रतिशत बढ़ चुकी है। मई 1, 2014 में पेट्रोल का दाम था प्रति लीटर, वो 71.41 रुपए जो मैं दिल्ली का दाम था 71.41 रुपए और आज के दिन जून 13, 2020 में पेट्रोल का दाम है- 75.16 प्रति लीटर। मतलब कि इसका इजाफा हुआ है- 5.25 प्रतिशत। तब क्रूड की क्या कीमत थी? मई 1, 2014 में क्रूड की कीमत थी- 106.85 डॉलर और आज क्रूडकी कीमत है– 38 डॉलर। 106 से लेकर 38 तक पहुंची, इतनी गिरावट हुई, 64 प्रतिशत की गिरावट हुई और पेट्रोल के दाम बढ़े, सरकार को फायदा होता रहा, लेकिनआम आदमी को नुकसान होता रहा। लबोलबाब ये है। 

सेंट्रल एक्साइज मैं मई 1, 2014 का सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी पेट्रोल पर थी- 9.20 प्रति लीटर और आज क्या है- 32.98 प्रति लीटर, कितनी बढ़ी- 258 प्रतिशत। 258 प्रतिशत कीमत बढ़ा दी। सेंट्रल एक्साइज पेट्रोल, उसका बिजनेसपर क्या असर पड़ता है, आम आदमी पर क्या असर पड़ता है, वो अलग बात है। अबडीजल उस समय था- 55.49 रुपए प्रति लीटर और आज है- 73.39 रुपए प्रति लीटर।बढ़ोतरी कितनी हुई- 20.21 प्रतिशत। सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी डीजल पर- 3.46 रुपएप्रति लीटर, आज है- 31.83 रुपए प्रति लीटर, कितनी बढ़ोतरी हुई- 819.9 प्रतिशत। 

आज के प्रधानमंत्री] वो जब गुजरात में मुख्यमंत्री थे और यूपीए सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा रही थी, तो 23 मई, 2012 में उन्होंने एक बयान दिया शाम को 8.24 बजे, क्या बयान दिया–“इतनीबढ़ोतरी हो रही है पेट्रोल और डीजल में, इससे साफ जाहिर है कि जो केन्द्र सरकार है, वो विफल है, वो निक्कमी है और इसका बोझ गुजरात की जनता के ऊपर पड़ रहा है”।ये बयान उनका 2012 का है। फिर 2014 में अक्टूबर 4, 2014 में सुबह 10.19 मिनटपर उन्होंने ये कहा कि “जब से हम सरकार में आए हैं, तब से दाम पेट्रोल और डीजल केगिरे हैं और इसका फायदा देश को हुआ और आम जनता को हुआ है”। जब 2015 मेंदिल्ली असेंबली के चुनाव हो रहे थे तो उन्होंने कहा कि मैं एक किस्मत वाला हूं भाषणदिया उन्होंने 1 फरवरी 2015 में कि मैं तो किस्मत वाला हूं और आप किस्मत वालेलोगों को ही वोट दीजिए और अगर मैं जनता के लिए किस्मत वाला हूं और जनता कोफायदा होता है, तो अच्छी बात है और जो किस्मत वाला हो, उसी को वोट जानाचाहिए, क्योंकि आम आदमी को फायदा होता है। 

मैं मोदी जी से आज पूछने वाला हूं और पूछना चाहता हूं कि तब तो शायद आप किस्मत वाले थे, लेकिन आज तो आप किस्मत वाले नहीं, आज तो आपकी किस्मत फूट चुकी है। दाम इतने बढ़ा रहे हैं, जनता के ऊपर बोझ बढ़ा रहे हैं, तो अगर आपकिस्मत वाले नहीं रहे, तो आप क्या कहेंगे? क्या आप जनता को फायदा पहुंचाएंगे, अगर आपकी किस्मत फूट रही है, सरकार जनता को लूट रही है, इसका आप जवाबदीजिए? आप जनता को क्यों लूट रहे हैं? आम आदमी के कंधे पर आज भी इतना बोझहै, उसके बावजूद आप उसके ऊपर बोझ डाल कर उस कंधे को और नीचा कर रहे हैंऔर भार उस कंधे पर रख रहे हैं। आम आदमी जो स्कूटर चलाता है, वो जो थ्री व्हिलरचलाता है, जो अपनी गाड़ी चलाता है, जिसके पास थोड़ा बहुत पैसा है, किसान अपनेपंप चलाता है, डीजल लगता है, जो आम छोटा व्यापारी है, जिसको बिजली नहींमिलती, वो भी डीजल पंप लगाता है, आज के दिन आप उसके ऊपर बोझ डाल रहे हैं।हिंदुस्तान आज ऐसी आर्थिक कठिनाई पर खड़ा हुआ है और आप किस्मत वाले कीबात करते हैं। आप समझते हैं कि देश की किस्मत आपसे जुड़ी हूई है। 

मोदी जी गाड़ी के 4 पहिए होते हैं और बिना उन 4 पहियों को गाड़ी आगे नहीं चलती। एक पहिया है- पार्लियामेंट, जहाँ आप कभी जवाबनहीं देते हैं, अपनी मनमर्जी करते हैं, वो नहीं चल रहा और आज के दिन आपपार्लियामेंट बुला भी नहीं रहे हैं। दूसरा पहिया है- सरकार, एग्जेक्टिव, वो भी अपनीमनमर्जी करती है, वो भी नहीं चल रही। कभी तो आप नोटबंदी का एलान कर देते हैं, 4 घंटे में सारे गरीब के नोट फ्रीज कर दिए जाएं, 2016 में आपने ऐसा किया। कभी आपलॉकडाउन का एलान कर देते हैं और लोगों को 4 घंटे की मोहलत देते हैं, तो ये भीपहिया नहीं चल रहा। तीसरा पहिया– ज्यूडिशियरी, ये भी किसी तरह से जो देख-रेखहोनी चाहिए, आपके वहाँ सरकार जाकर बयानबाजी देती है कि सड़क पर कोई माईग्रेंटनहीं है। चौथा पहिया– इलेक्शन कमीशन, इलेक्शन कमीशन भी जो आप कहते हैं, वोकरता है, वो होता है। अगर गाड़ी के 4 पहिए नहीं चल रहे, तो गाड़ी आगे चलेगी कैसे? जो गाड़ी का इंधन है, वो आप बढ़ाते जा रहे हैं। वो चलेगी कैसे, आप इंधन बढ़ाएजाओ, वो गाड़ी आगे बढ़ेगी नहीं, क्योंकि 4 पहिए विफल हैं, चल ही नहीं रही है औरवहाँ ड्राईवर सीट पर बैठे हुए हैं।

हमारे देश की आज की स्थिति किस मोड़ परहै, ना आपके वित्त मंत्री को जानकारी है और इसलिए आप रोज के रोज दाम बढ़ाते जारहे हैं। ये नहीं सोचते कि इसका प्रभाव उस आम आदमी के ऊपर क्या होगा, जो शरीरका इंधन होता है, वो क्या होता है कि सुबह उठकर हम नाश्ता करते हैं, खाना खाते हैं, वो इंधन होता है, उसकी वजह से एनर्जी पैदा होती है और शरीर चलता है और आपआगे बढ़ सकते हैं। देश की आर्थिक स्थिति का इंधन क्या है– पेट्रोल है, डीजल है।अगर आप आम आदमी की खुराक के दाम बढ़ा देंगे, अंडे के दाम बढ़ा देंगे, चावल केदाम बढ़ा देंगे, बाकी वस्तुएं जो आम आदमी लेता है, सबके दाम बढ़ा देंगे, तो बेचारागरीब आदमी खाएगा क्या? अगर ऐसे ही आप इंधन के दाम बढ़ा देंगे, तो देश बढ़ेगाकैसे? वो तो देश के लिए एनर्जी है और उसकी वसूली सस्ती होनी चाहिए, आमआदमी के लिए ताकि उसको बचत हो। आपको इतनी बचत हो रही है, अंतर्राष्ट्रीय स्तरपर क्रूड ऑयल के जो दाम है, मैंने आपको बता दिए आज 38 डॉलर पर हैं, जो हमारेवक्त में 108 डॉलर पर थी। आपको इतनी बचत हो रही है, लाखों-करोड़ों का आपकोफायदा हो रहा है, आप उद्योगपतियों को फायदा दिलाते जा रहे हैं और आप आमआदमी के लिए कुछ नहीं कर पाते हैं। जब हम कहते हैं कि उनके अकाउंट में 7,500 रुपए उनके बैंक अकाउंट में डाल दें, तो आप वो भी नहीं कर पाते हैं। 

ये जो टैक्स हैं, फ्यूल पर, पेट्रोल पर, एक्साइजपर, वो हमारे देश में दुनिया में सबसे ज्यादा हैं। मैं उसका उदाहरण आपको देता हूं- भारत में 69 प्रतिशत टैक्स, फ्यूल पर, यूएस-19 प्रतिशत, जापान-47 प्रतिशत, यूके–62 प्रतिशत, फ्रांस-63 प्रतिशत, जर्मनी-65 प्रतिशत और हमारा देश इन देशों से कहींगरीब है, लगभग 80 करोड़ लोग यहाँ गरीब हैं। उनके ऊपर आप 69 प्रतिशत टैक्सलगा रहे हैं, कर लगा रहे हैं और वो भी इंधन पर। पेट्रोल भी है, वो भी लगभग मेरे ख्यालसे, जो पड़ोसी देश हैं, उनके मैं दाम देख रहा था, लगभग बंगलादेश के अलावा सबसेज्यादा महंगा पेट्रोल यहाँ हैं, पाकिस्तान-34 रुपए, अफगानिस्तान-34 रुपए, नेपाल–60 रुपए, म्यांमार-36 रुपए, चीन–63 रुपए। 

पिछले दिनों में जो आपने दाम बढ़ाए हैं, उसका लगभग, 5 मार्च से लेकर 5 जून कीबात करता हूं– डीजल का इस दौरान में 3 रुपए का इजाफा आपने किया, उसकाआपको लगभग 40,000 करोड़ का फायदा हुआ, 39,000 करोड़ एग्जेक्टली और 5 जून को आपने 13 रुपए बढ़ा दिए और 10 रुपए बढ़ा दिए पेट्रोल और डीजल के, 6 दिनों की ये बढ़ोतरी है, तो इसका फायदा आपको 1,60,000 करोड़ का हुआ। पिछले6 दिनों में जो आपने बढ़ाया उसका 44,000 करोड़ रुपए फायदा हुआ, मतलब किलगभग 5 मार्च से लेकर जून तक, पिछले 3 महीनों में ढाई लाख करोड़ आपने कमाया, गरीब के कंधे पर बोझ डालकर, गरीब से लेकर कमाया। 

2014 नवंबर से लेकर जनवरी 2016 तक आपने 9 बार एक्साइज ड्यूटी पेट्रोल औरडीजल पर बढ़ाई है। वहाँ मतलब इजाफा जो हुआ 11 रुपए पर लीटर हुआ, 11.77 प्रतिशत और डीजल 13.47 प्रतिशत। उन दौरान नवंबर 14 से लेकर जनवरी 2016 तक और फिर उसका जो फायदा आपको हुआ उन 15 महीनों में, वो 2 लाख 42,000 करोड़ हुआ। मार्च से लेकर जून तक ढाई लाख करोड़ और उन 15 महीनों में 2 लाख42,000 करोड़ का फायदा आपको हुआ। मतलब आप आम आदमी को, उसकोदेखकर आपको कोई रहम नहीं आता, वो पिसता जा रहा है, वो खाना नहीं खा पाता, वो चलता-चलता अपनी जान गंवा देता है, घर नहीं पहुंच पाता, लोग उनको खिला रहेहैं और सरकार कमा रही है। मतलब कि जनता खिला रही है और सरकार कमा रही है।असलियत तो ये है प्रधानमंत्री जी कि आपकी सरकार एक ऊंचाई पर बैठी हुई है, जमीन पर क्या हो रहा है, उसको कोई ईल्म नहीं है, कोई ख्याल नहीं है। फ्लड देखनाहो तो वो भी हवाई जहाज में देखा जाता है, जमीन पर क्या हो रहा है, कैसे लोगों कीजिंदगी बर्बाद हो रही है, कोई आपको ख्याल नहीं, क्योंकि हर चीज आपकी एरियलहोती है। अगर आपको आम आदमी से कोई भी हमदर्दी होती ना प्रधानमंत्री जी, तोआप अब तक जो ये फायदा कंपनियों को कराते हैं, अपनी सरकार को कराते हैं, येफायदा आपको आम आदमी को कराना चाहिए ताकि वो एक-दो महीने तो खा-पीसकें। ये लॉकडाउन की वजह से आपको मालूम है क्या हो रहा है?अपनी तारीफ कर रहेहैं कि हमने गजब कर दिया। जब हमने एलान किया, वही एक रास्ता था, उसके बारे मेंतो हम बाद में बात करेंगे, आज हम आर्थिक बातों के बारे में बात करते हैं। 

मैन्यूफैक्चर्रस कारपोरेट को फायदा ये क्यों हो रहा है? आपके पास पैसा नहीं है, पैसानहीं होगा तो आप खर्चा कैसे करेंगे, क्योंकि आपके बजट एस्टिमेट पर तो खर्चा इतनालिखा हुआ कि वो आपको करना ही करना है, तो कमाओगे नहीं तो खर्चा कैसे करेंगे? इसलिए आम आदमी के ऊपर बर्डन बड़ा दो, कमाने के लिए, अपनी कमाई के लिएताकि हम खर्चा कर सकें। इसलिए आप अपनी कमाई के लिए दूसरों की कमाई, आमआदमी, गरीब आदमी की कमाई को गिरा दो। उस पर अपने कर का बोझ बढ़ा दो, खुदकमा लो, क्योंकि आप अपने घर का खर्चा नहीं संभाल सकते। कैसे संभालेंगे, आपकैसे संभालेंगे घर का खर्चा, जब आपको मालूम ही नहीं है, आपको दूर-अंदाजा ही नहींहै कि खर्च कैसे करना है?

कोर्पोरेट सेक्टर को कोर्पोरेट रेट में जो आपने फायदा किया, आपकोयाद ही होगा। आपने सोचा कि अगर हम राहत कोर्पोरेट सेक्टर को देंगे और कोर्पोरेटटैक्स हम 30 प्रतिशत लेकर 22 प्रतिशत कर देंगे, जो डोमेस्टिक मैन्यूफैक्चर्रस हैं, तोशायद जो हमारा इंजन है, इकोनॉमी है, आर्थिक इंजन है, वो आगे बढ़ेगा। लेकिनउसका नतीजा तो जीरो हुआ और आपने जो नए मैन्यूफैक्चर्रस यूनिट का टैक्स रेट 25 प्रतिशत से 15 प्रतिशत कर दिया, तो जो टोटल आपने फायदा कोर्पोरेट सेक्टर को उससमय दिया वो था- 1.45 लाख करोड़। ये आपने कोर्पोरेट सेक्टर को फायदा दिया औरआप 70 हजार करोड़ रुपए भी गरीब आदमी के लिए नहीं खर्च करना चाहते हैं, येकंजूसी क्यों? इसकी वजह होगी कोई ना कोई तो या तो आपके वित्त मंत्री को याआपके लोगों को कोई ईल्म नहीं है कि कैसे– कैसे किया जाए? आर्थिक स्थिति इतनीबिगड़ चुकी है।

 

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