Take a fresh look at your lifestyle.

पांच दिवसीय 39वां विश्व कवि महाकुम्भ का विराट आगाज

(सुनील सोरभ) नई दिल्ली : कीट डीम्ड विश्वविद्यालय परिसर में सुबह 8.30 बजे गांधीजी की 150वीं जयंती के अवसर पर 39वें विश्व कवि कांग्रेस की ओर से पधारे कार्यकारिणी के सदस्यगण डा यु सी, वर्ल्ड कांग्रेस आफ पोयट्स एण्ड प्रेसिडेंट वर्ल्ड अकादमी आफ आर्ट्स एण्ड कल्चर, डा माउरुस यंग प्रेसिडेंट वर्ल्ड कांग्रेस आफ पोयट्स, प्रो इर्नेस्टा कहन प्रथम वायस प्रेसिडेंट वर्ल्ड अकादमी आफ आर्ट एण्ड कल्चर, डा मारियाइगेनिया सोबेरानीस महासचिव वर्ल्ड अकादमी आफ आर्ट एण्ड कल्चर, प्रो अच्युत सामंत संस्थापक कीट-कीस, लोकसभा सांसद तथा डब्लूसीपी के अध्यक्ष, कीट डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एच के महंती तथा कीट डीम्ड विश्वविद्यालय के प्रोवायस चांसलर प्रो एस सामंत आदि मंचासीन थे। स्वागत की औपचारिकता प्रो अच्युत सामंत ने पूरी की और कहा कि स्वर्गीय मोहन दास करमचंद गांधी को पूरा भारत राष्ट्र बापू के नाम से जानता है। वे सत्य,अहिंसा और त्याग के पुजारी थे। उन्होंने भारत को आजाद कराया। स्वदेसी आन्दोलन चलाया। स्वच्छता को अपनाने का संदेश दिया।

विश्व पटल पर भारत को नई पहचान दिलाई। आज उनकी 150वीं जयंती पूरा भारत मना रहा है ऐसे में कीट डीम्ड विश्वविद्यालय में भी अनेक कार्यक्रम आयोजित हो रहा है और वैसे वक्त पर हो रहा है जब कीट में 39वें विश्व कवि कांग्रेस आयोजन के क्रम में विश्व के कुल 82 देशों के कुल लगभग 1000 कविगण यहां पर उपस्थित हैं जिनके द्वारा कीट में गांधीजी की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया जा रहा है। करतल ध्वनियों के बीच गांधीजी नई कांस्य प्रतिमा का अनावरण डब्लूसीपी कार्यकारिणी के सदस्यों द्वारा हुआ। 39वें डब्लूसीपी के प्रेसिडेंट प्रो अच्युत सामंत ने यह घोषणा की कि आज से कीट-कीस मार्ग का नाम गांधी मार्ग होगा। लोग अब इस मार्ग को गांधीमार्ग से जानेंगे।साथ ही साथ उन्होंने आज से कीट-कीस में प्लास्टीक को बैन करने की भी घोषणा की। आज के दिन डब्लूसीपी के हजारों प्रतिनिधिगण विश्व के सबसे बड़े आदिवासी आवासीय विद्यालय कीस जाकर वहां के कुल लगभग 30 हजार आदिवासी बच्चों से मुलाकात की। उनके साथ बड़ी आत्मीयता के साथ नृत्य किया और अपने संबोधनों के द्वारा उन्हें गांधीजी के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। कीट-कीस के संस्थापक प्रो अच्युत सामंत ने कीट-कीस परिपाटी के तहत आगत सभी को अंगवस्त्र, गांधीजी का चरखा आदि स्मृति चिह्न के रुप में भेंटकर उनका सम्मान किया। डब्लूसीपी के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कीट परिसर -6 में करमचंद गांधी सार्वजनिक पुस्तकालय का लोकार्पण हुआ। गौरतलब है कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक कीट में सायंकाल आयोजित होनेवाले 39वें डब्लूसीपी के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि और टूरिज्म एण्ड ओडिया लैंग्वेज लीटरेचर एण्ड कल्चर मंत्री ज्योति प्रकाश पाणिग्राही आमंत्रित विशिष्ट अतिथि हैं। 02अक्तूबर से लेकर 06अक्तूबर तक पांच दिवसीय 39वां विश्व कवि महाकुम्भ कीट-कीस समेत कोणार्क और श्रीजगन्नाथ पुरी में भी आयोजित होगा

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Visitor Reach:1032,824
Certified by Facebook:

X
error: Content is protected !!